Home Business योगी आदित्यनाथ के घर पर विधायकों को सिखाया वोट डालने का हुनर

योगी आदित्यनाथ के घर पर विधायकों को सिखाया वोट डालने का हुनर

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे से रिक्त गोरखपुर और फूलपुर संसदीय सीट पर उपचुनाव में मिली हार की भरपाई के लिए भाजपा सरकार और संगठन ने राज्यसभा चुनाव जीतने पर जोर दिया है। भाजपा ने अपनी क्षमता से अधिक नौ उम्मीदवार उतारकर विपक्ष के मतों में सेंधमारी कर एक बड़ा किला फतेह करने की तैयारी की है।

इसके लिए बुधवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर एक-एक वोट सहेजने की कसरत की गई। विधायकों और मंत्रियों को वोट डालने के हुनर सिखाए गए ताकि कहीं कोई चूक न हो।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाम चार बजे अपने आवास पर एक बैठक बुलाई थी। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, संगठन महामंत्री सुनील बंसल और संगठन के कई पदाधिकारियों के अलावा सहयोगी दलों के विधायक और मंत्री आमंत्रित थे।

योगी ने विधायकों का आह्वान किया और उनके वोट की कीमत बताई। योगी ने इस अवसर को न चूकने का संकल्प देते हुए विधायकों को नौ सीटें जीत के लिए प्रेरित किया। महेंद्र पांडेय और बंसल, आशीष पटेल ने भी विधायकों को प्रेरित किया। संचालन सुरेश खन्ना ने किया। भाजपा के पास आठ उम्मीदवारों को जिताने भर पर्याप्त मत हैं लेकिन, नवें उम्मीदवार के विधायकों के वोट का जुगाड़ करना है।

इस बैठक में निर्दलीय रघुराज प्रताप सिंह, विनोद सरोज, अमनमणि त्रिपाठी और विजय मिश्रा के जाने की उम्मीद थी लेकिन, अमनमणि को छोड़कर कोई नहीं दिखा। रघुराज सपा मुखिया अखिलेश की पार्टी में चले गए। हालांकि विजय मिश्र ने दावा किया कि वह भाजपा के साथ खड़े हैं।

राजभर के पहुंचते ही राहत, नितिन भी पहुंचे –

बुधवार को तीन बजे तक सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर योगी की बैठक में जाने के मूड में नहीं थे। उनके पार्टी प्रवक्ता राणा अजित सिंह का कहना था कि औपचारिक निमंत्रण नहीं आया है। कई माह से नाराज चल रहे ओमप्रकाश मंगलवार को ही दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकत कर लौटे थे।

मुलाकात के बाद राजभर ने भाजपा उम्मीदवार को खुलकर वोट देने का एलान किया था पर आमंत्रण न मिलने से वह बैठक में जा नहीं रहे थे। बाद में राजभर योगी के आवास पर गए और उन्हें खूब सम्मान मिला। सुभासपा के विधायकों को योगी ने अपने पास बिठाया। सर्वाधिक नजर सपा विधायक नितिन अग्रवाल पर थी। वह मंच पर जाकर मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं से भी अपनी हाजिरी लगाए।

एक खड़ी पाई खींचों –

विधायकों को नसीहत तो सभी शीर्ष नेताओं ने दी लेकिन, ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि एक दो के चर में न पड़कर खड़ी पाई खींचों। राजभर ने यह भी दावा किया कि जो भी उम्मीदवार उन्हें आवंटित होगा वह 101 प्रतिशत जीतेगा। फिर योगी ने कहा कि ओमप्रकाश जमीन के व्यक्ति हैं और यहां परिक्रमा करके पहुंचे हैं। इस पर विधायकों ने खूब ठहाके लगाए। राजभर मंगलवार को ही अमित शाह से मिलकर लौटे थे।

सरकार, संगठन और सहयोगी दलों का समन्वय-

योगी के आवास पर बुधवार को हुई बैठक में सरकार, संगठन और सहयोगी दलों का समन्वय दिखा। मंत्री, विधायक और पदाधिकारी हाल में सामने बैठे थे लेकिन मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, संगठन महामंत्री सुनील बंसल, राष्ट्रीय महामंत्री अनिल जैन, अपना दल एस के अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल और सुभासपा अध्यक्ष व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर बैठे थे।

मॉक पोल में मतपेटी, एजेंट और पोलिंग बूथ भी बनाया-

मुख्यमंत्री आवास के हाल में बाकायदा वोट डालने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। मॉक पोल के लिए एजेंट, मतपेटी, पोलिंग बूथ भी बनाया गया। वोट डालने के लिए पर्दा भी लगाया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना, महेंद्र सिंह, सत्यदेव पचौरी, समेत कई लोग निगरानी में जुटे और प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक व गोविंद नारायण शुक्ल तथा उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने भी जांच-परख की। इस दौरान संगठन और सरकार के तजुर्बेकार लोग विधायकों को वोट डालने के लिए समझाते दिखे।

कल सुबह पता चलेगा कौन विधायक किसे देगा वोट-

वोट डालते समय एक विधायक ने पूछा कि यह तो बता दीजिए कि हमें वोट किसे देना है। सुरेश खन्ना ने कहा कि यह परसों (शुक्रवार) पता चलेगा। दरअसल, भाजपा इसमें भी सावधानी बरत रही है। हर उम्मीदवार के लिए विधायकों का ग्रुप बनाएगी और उन्हें शुक्रवार की सुबह यह पता चलेगा कि उनके लिए किस उम्मीदवार का नाम आवंटित है।

नहीं पहुंचे सके मंत्री अनिल राजभर और कई विधायक-

भाजपा की बैठक में ओमप्रकाश राजभर पहुंच गये लेकिन उनको लगातार चुनौती देने वाले होमगार्ड राज्यमंत्री अनिल राजभर नहीं दिखे। इस पर लोग चर्चा करते सुने गए। हालांकि बाद में कहा गया कि वह बनारस से लौट रहे हैं। इसी तरह दिल्ली में इलाज कराने गए कुशीनगर के भाजपा विधायक जटाशंकर ने अपने सचेतक और प्रभारी मंत्री को सूचित कर दिया था। भाजपा का दावा है कि जो नहीं आया वह संगठन की अनुमति ले चुका है।