Home Business लैपटॉप, मोबाइल के बाद अब इंटरनेट (internet) से चलेगा आपका टीवी भी

लैपटॉप, मोबाइल के बाद अब इंटरनेट (internet) से चलेगा आपका टीवी भी

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आज के इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (information technology) के युग में अगर एक चीज जिसकी आवश्यकता सबसे तेज गति से बढ़ रही है वह है इंटरनेट (internet) (internet) और इंटरनेट (internet) चलता है डाटा (data) से। ये डाटा हमें 2 साधनों से प्राप्त होता है एक वायरलेस ब्राडबैंड (wireless broadband) और वायरलाइन ब्राडबैंड (wireline broadband)। इसकी मदद से हम अपने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल (computer, laptop, mobile) फोन आदि के माध्यम से दुनिया से जुड़ जाते हैं। लेकिन आपको शायद यकीन नहीं होगा कि आने वाले समय में आपका टीवी (TV) भी इंटरनेट (internet) से ही चलेगा। उसके बाद टीवी से मनोरंजन प्राप्त करने के लिए सेट टॉप बॉक्स और केबल कनेक्शन जैसी चीजों की जरूरत समाप्त हो जायेगी। हालांकि इसके लिए काफी अधिक डाटा और तेज इंटरनेट (internet) की आवश्यकता होगी। ये डाटा और स्पीड लोगों को किफायती दरों पर उपलब्ध हो इसके लिए देश की टेलीकॉम कंपनियां (telecom companies) और सरकार प्रयास कर रही है।

अभी प्रायोगिक चरण पर है काम

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इसके लिए तमाम टेलीकॉम कंपनियां (telecom companies) अपने उत्पादों के प्रायोगिक चरण में हैं।
रिलायंस जियो फाइबर आधारित ब्राडबैंड (broadband) सेवा का परीक्षण कर रहा है, जो अगले साल के शुरुआत तक हमारे सामने आ सकती है।
देश का सबसे बड़ी telecom कंपनी भारती एयरटेल (Airtel) के 20 लाख से अधिक ब्राडबैंड कस्टमर (broadband customer) हैं, जिसमें साल दर साल 5.5 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। हालांकि राजस्व के मामले में इसे रिलायंस जियो (Reliance Jio) से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन (Vodafone) भी अपने ब्राडबैंड सेगमेंट के विस्तार पर काफी ध्यान दे रही है। लोगों के घरों में ज्यादा और तेज गति का इंटरनेट (internet) मुहैया कराने के लिए इसने यू ब्राडबैंड नाम की कंपनी के अधिग्रहण की योजना बनायी है।

Telecom में wireless साधनों का हो रहा है अधिक प्रयोग, लेकिन wireline है अधिक भरोसेमंद

अभी देश में कंप्यूटर और मोबाइल में इंटरनेट (internet) सेवाओं के लिए अधिकतम वायरलेस साधनों का प्रयोग किया जा रहा है। इस प्रकार से प्राप्त होने वाला इंटरनेट (internet) वाई-फाई (Wi-Fi) उपकरण के माध्यम से संचरित होता है, लेकिन इंटरनेट (internet) की गति और निरंतरता के लिए यह वायरलाइन की तरह भरोसेमंद नहीं होता। इस वजह से जब हमें अधिक डाटा और बिना किसी अवरोध के निरंतर इंटरनेट (internet) सेवा की जरूरत होगी तो वायरलाइन ब्राडबैंड (wireline broadband) ही अधिक भरोसेमंद होगा। यही वजह है कि बड़े दफ्तरों और उन स्थानों पर जहां इंटरनेट (internet) की अधिक जरूरत पड़ती है, वहां वायरलाइन का ही प्रयोग होता है। वायरलाइन ब्राडबैंड में हमें इंटरनेट (internet) सेवा फिक्स केबल नेटवर्क, कोएक्सियल केबल और फाइबर ऑप्टिक्स (fiber optics) के माध्यम से प्राप्त होती है।
जानकारों के अनुसार भारत में अभी कुल इंटरनेट (internet) सेवाओं का मात्र 6 से 7 प्रतिशत ही वायरलाइन ब्राडबैंड (wireline broadband) का प्रयोग हो रहा है इसकी मांग में एक साल में 4 से 5 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है। देश में जैसे-जैसे इंटरनेट (internet) की दुनिया में वीडियो का प्रचलन बढ़ रहा, उसी प्रकार डाटा की मांग भी बढ़ रही है।

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Broadband internet की बढ़ेगी 44% मांग

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देश में वायरलाइन ब्राडबैंड (broadband) से मिलने वाले इंटरनेट (internet) की मांग में अगले 4 वर्षों में 44 प्रतिशत की मांग बढ़ने की संभावना है। एक मार्केट रिसर्च फर्म काउंटर प्वाइंट टेक्नोलॉजी मार्केट रिसर्च के मुताबिक अ‍भी देश में वायरलाइन ब्राडबैंड (wire line broadband) का सब्सक्रिप्शन 18.2 मिलियन है, जो 2021 में बढ़कर 26.2 मिलियन हो जायेगा। और इसमें 7.6 प्रतिशत की वार्षिक बढ़त आयेगी।
आपको यह जानकार हैरानी होगी देश में ज्यादा तेज गति से इंटरनेट (internet) उपलब्ध कराने वाली वायरलाइन टेक्नोलॉजी का अभी तक देश में ढांचा खड़ा नहीं किया जा सका है। इस मामले में हम दुनिया के अन्य विकसित देशों से बहुत पीछे हैं। ज्यादातर लोग इंटरनेट (internet) के लिए वायरलेस (wireless) या वाई-फाई (Wi-Fi) तकनीक का ही प्रयोग करते हैं। हालांकि अब वायरलाइन नेटवर्क लोगों के घरों, दफ्तरों में तेजी से जगह बना रहा है। इस बात का प्रमाण यह है कि बीते 18 महीनों में देश में इसका सब्सक्रिप्शन 9 लाख से बढ़कर 12 लाख 70 हजार हो गया है। इससे बड़ी बात यह है कि इस माध्यम से मिलने वाले इंटरनेट (internet) में डाउनलोड स्पीड काफी अच्छी होती है।

धीमी गति से चल रहा है काम

देश में केबल (cable) या फाइबर (fiber) को बिछाने का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। तमाम टेलीकॉम कंपनियां सरकार से बिजली और पानी की लाइनों की तर्ज पर ही फाइबर केबल (fiber cable) बिछाने की मांग कर रही हैं।