Home Business न रोजगार न पगार, मजे ले रहा शेयर बाजार

न रोजगार न पगार, मजे ले रहा शेयर बाजार

387
0
Share market

Indian economy की मजबूती के न कोई ठोस कदम, न सुधार, employment की विकट स्थिति, बेतहाशा बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम, डॉलर के मुकाबले रसातल में जाता रुपया। फिर भी share market लगातार कुलांचे मार रहा है । Sensex ने इसी सप्ताह 38819 अंक का उच्चतम स्तर छू लिया है। निफ्टी 11730 अंक तक पहुंच चुका है। रुपया डॉलर के मुकाबले 71 की ओर पहुंच रहा है।

Share Market : आसमान छू रहे Petrol-Diesel

Petrol के दाम 74 रुपये/प्रति लीटर पार चुके हैं। वहीं share market की बात करें तो बीते 2 साल में इसमें 40 प्रतिशत और इस वर्ष 14 प्रतिशत की तूफानी गति से बढ़ चुक है। ये चीजें तब हैं जब कहा जा रहा है कि Indian economy मंदी की गिरफ्त में है और companies मुनाफे और employment सृजन दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल खड़ा है जब Indian economy नहीं बढ़ रही तो फिर सेंसेक्स क्यों उछल रहा है?

Share Market: सिर्फ इन companies को
हो रहा फायदा

Share market

दरअसल share market में जो तेजी आई है उसकी वजह से Indian economy के मैक्रो या माइक्रो घटकों का मजबूत होना नहीं, बल्कि कुछ ऐसी companies का मजबूत होना जो तत्कालीन स्थितियों से सबसे ज्यादा लाभान्वित हैं। इत्तिफाकन ये companies Indian economy में सबसे ज्यादा वजन रखती हैं।
सेंसेक्स में एक तिहाई से ज्यादा वजन सिर्फ 5 shares -रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), एचडीएफसी बैंक (HDFC BANK), एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC LTD), टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) और इंफोसिस (Infy)। ये companies पूरे share market का 35 प्रतिशत हिस्सा हैं। सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज ही 10 फीसदी हिस्सा रखती है। इन shares में अगर किसी का भी भाव बढ़ता या घटता है तो उसका share market पर पूरा प्रभाव पड़ता है।
Indian economy की हालत चाहे जो हो, तत्कालीन स्थितियों में इन 5 shares वाली companies को खासा मुनाफा हो रहा है।

Trading कर सकती है मालामाल

झूम रहा है RIL

रिलायंस इंडस्ट्रीज का share एक साल में करीब 70 प्रतिशत ऊपर जा चुका है। government की नीतियों और उसके मालिक की government की करीबी की वजह से रिलायंस का नूतन टेलीकॉम कारोबार (रिलायंस जियो) खूब फलफूल रहा है। लोग जमकर इसके share की खरीद कर रहे हैं।

HDFC BANK के क्या कहने

एचडीएफसी बैंक एक साल में करीब 18 प्रतिशत का उछाल आ चुका है। share market में इसकी हिस्सेदारी 8 प्रतिशत से अधिक है। बैंक ने पिछले कुछ सालों में खूब तरक्की की है। जहां एक ओर सरकारी क्षेत्र के कई बैंक NPA और डूबते कर्जों से परेशान हैं वहीं दूसरी ओर इसने खासा प्रदर्शन किया है। इस बैंक के shares में निवेशक खूब भरोसा कर रहे हैं।

Housing Finance का कारोबार भी चमका

Housing Finance कारोबार की लैंडमार्क company एचडीएफसी लिमिटेड का share भी तजी के साथ बढ़त कर रहा है।

Share Market : कमजोर Indian economy का खूब फायदा उठा रही TCS

देश की रोती हुई Indian economy का फायदा टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) का share खूब उठा रहा है। इसकी हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत है। यह share पिछले एक साल में 66 प्रतिशत से ज्यादा उछल गया है। इस share को देश की खस्ताहाल Indian economy का भरपूर फायदा होता है। क्योंकि इसका ज्यादातर कारोबार विदेशों में इस वजह से डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से जब देश में त्राहिमाम मचता है तो दूसरी ओर इस company की market value में बढ़त आती है। और वर्तमान में यही हो रहा है। इसका फायदा company खूब उठा रही है। यह company विदेशों से डॉलर में कमाती है और उसे देश में रुपये में तब्दील करती है। इस वजह से रुपया डॉलर के मुकाबले जितना टूटता है उसे उतना ही फायदा होता है। गिरता रुपया इस company को को लगातार मजबूत कर रहा है। इस वजह से टीसीएस के share आसमान छू रहे हैं जो share market को ऊपर की ओर धक्का दे रहे हैं।

लैपटॉप, मोबाइल के बाद अब इंटरनेट (internet) से चलेगा आपका टीवी भी

Infy भी फायदे में

इसी तरह दूसरी आईटी companies इंफोसिस आदि भी टूटते रुपये से खूब मुनाफा बटोर रही हैं और उनके share खूब फल-फूल रहे हैं। इंफोसिस का share पिछले एक साल में करीब 52 प्रतिशत उछल गया है। लोग समझ रहे हैं Indian economy के बढ़ने से share market चढ़ रहा है, जबकि हकीकत है कि Indian economy चौपट है, चालू खाते का घाटा बढ़ रहा है और जनता महंगाई से त्रस्त है और share market भाग रहा है।

पिट रहे Mid cap- small cap

ये तत्कालीन स्थितियां जहां बड़ी companies को खासा फायदा पहुंचा रही हैं वहीं दूसरी ओर छोटी और मध्यम दर्ज की companies (mid cap and small cap) इन हालात पर आंसू बहा रहे हैं। क्योंकि इन companies का share market में वजन कम है इस वजह से share market के ऊपर जाने या नीचे जाने में खास प्रभाव नहीं पड़ रहा है। नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद इन companies के share लगातार टूट रहे हैं। बीएसई में मध्यम स्तर की companies का सूचकांक Mid Cap index इस साल करीब 6 प्रतिशत गिर चुका है। छोटी companies का Small Cap index करीब 11 प्रतिशत गिर चुका है।

Share Market : एक को फायदा तो दूसरे को घाटा

वास्तव में भारतीय Indian economy में इतनी व्यापक है कि इसके component का असर लाभ होता है और दूसरे का कुछ लोगों, companies का घाटा। जब रुपया मजबूत होगा और डीजल-पेट्रोल के दाम कम होंगे, तब भी इस बात की कोई गारंटी नहीं होगी कि share market ऊपर की भागे। क्योंकि अर्थव्यस्था के तमाम components को नुकसान हो रहा होगा।

Employment का अता-पता नहीं

वर्तमान में हालात ये हैं कि share market तो चढ़ रहा है लेकिन बाजार में employment दिखायी नहीं दे रहे। इसको लेकर राजनीति चरम पर है।
प्रधानमंत्री से जब employment की बात करो ते वे मुद्रा लोन mudra loan लेकर employment शुरू करने की अपील करते दिखायी दे रहे हैं। इसके लिये वह बाकयदा मुद्रा लोन वितरण (mudra loan distrubatin) के आंकड़े भी सामने रखते हैं। जबकि व्यापार करने के लिए एक खास तरह की प्रतिभा की जरूरत होती है जो हर किसी में नहीं होती। अब जरूरत इस बात की है कि जिन लोगों को पास कारोबार करने की प्रतिभा नहीं है वे कहां जायें।
share market news

share market tips

how to invest in share market

share market software

share market live chart

share market basics

share market live chart today

tomorrow share market news