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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से CRPF को क्यों हटा रही है सरकार?

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CRPF हाल ही में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल के नक्सल प्रभावित क्ष‍ेत्रों से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की बटालियन हटाने का फैसला किया है और इस संबंध में बलों को आदेश जारी कर दिये हैं। यह जानते हुए भी कि इन क्षेत्रों में नक्सलवादी न सिर्फ सरकार की विकास योजनाओं में रोड़ा अटकाते हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों, ठेकेदारों और आम जनता के लिए भी परेशानी का सबब बने रहते हैं।
बिहार के औरंगाबाद जैसे संवेदनशील जगह से सीआरपीएफ की बटालियन हटाने की बात न तो बिहार सरकार के गले उतर रही है और न ही स्थानीय जनता के। स्थानीय स्तर पर इसका विरोध तो हो ही रहा है, बिहार सरकार भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर कर चुकी है। CRPF

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CRPF : नक्सलियों का स्वर्ग था औरंगाबाद, सीआरपीएफ ने ही संभाली थी स्थिति

CRPF मालूम हो कि औरंगाबाद वह स्थान है जिसने संभवत: नक्सलियों का सर्वाधिक तांडव देखा है। वर्ष 2013 में नक्सलियों ने यहां के नबी कस्बे में पुलिस जीप को उड़ाकर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी और तमाम स्वचालित राइफल जैसे हथियार छीनकर फरार हो गये थे। CRPF

  • केंद्र सरकार शायद वर्ष 2004 की उस घटना को भूल चली है जिसमें नक्सलियों ने ने सिमरा थाना पर हमला कर कई पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी और थाना भवन को डायनामाइट से उड़ाकर उसमें आग लगा दी थी।
  • वर्ष 2013 में नक्सलियों ने लैंड माइन ब्लास्ट कर 9 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी।
  • वर्ष 2016 में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट कर सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के कम से कम 10 जवानों की हत्या कर दी थी।

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CRPF : सुरक्षा ही नहीं विकास भी करती है CRPF

CRPF : बड़ी बात यह है कि इस क्षेत्र नक्सलियों और सीआरपीएफ की मुठभेड़ की खबरें आम हैं। और तो और बड़ी घटनाओं में जो नक्सली सिविल पुलिस के हाथ लगते हैं उनको पकड़ने में भी सीआरपीएफ की अहम भूमिका रहती है। CRPF
CRPF औरंगाबाद और स्थानीय जनता के बीच समाज निर्माण का भी रिश्ता जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में यह फोर्स केंद्र और राज्य सरकार प्रायोजित विकास योजनाओं को क्रियान्वित करने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
जैसे जिले के नक्सलप्रभावित क्षेत्र में सड़कों और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण बिना सीआरपीएफ के सहयोग कर पाना असंभव है। CRPF
CRPF कौशल विकास, महिलाओं के उत्थान, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने में इस फोर्स की अहम भूमिका है। अगर इस क्षेत्र से सीआरपीएफ को हटा दिया गया तो न सिर्फ यहां कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा जायेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास योजनाओं को झटका लगेगा। CRPF
गरीबी और नक्सल प्रभावित जनता को क्षेत्र में सीआरपीएफ की जरूरत है।

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CRPF : राज्य सरकार की चिंता से भी सरोकार नहीं

CRPF राज्य सरकार ने इस संदर्भ में पत्र लिखकर इसकी चिंता केंद्र सरकार से जाहिर की है लेकिन केंद्र ने जवाब में इसका कोई विशेष आशय नहीं लिया है। और यहां पर आईआर (IRBN) बटालियन नियुक्त करने का आश्वासन दिया है। यह जानते हुए भी ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में IRBN की नियुक्ति फोर्स और जनता दोनों में असंतोष पैदा कर सकती है। CRPF

CRPF : राज्य सरकार द्वारा केंद्र को लिखा गया पत्र

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