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दीवाली पर बस इतना करें और हो जायें मालामाल

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diwali poojan
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diwali poojan दीपावली सिर्फ रोशनी या दिये का त्योहार ही नहीं ये हमारे अंदर के आलोक का विस्तार भी है। यह त्योहार अमावस्या के अंधकार रूपी अज्ञान पर विजय पाने की कोशिश का है। हमारे शास्त्र हमें अंधकार से प्रकाश की यात्रा की शिक्षा देते हैं और दीवाली उसी यात्रा का मूर्त रूप है। वास्तव में अमावस्या का वह अंधकार हम सभी के अंदर व्याप्त है, जिसे हम दूसरे रूप में अज्ञान या अहंकार कहते हैं। दीवाली का दिया जिससे हम अमावस्या का अंधकार दूर करते हैं वह वास्तव में ईश्वर का साक्षात रूप है। बशर्ते हम अपने नजरिये में थोड़ा सा बदलाव करके दिये की अवधारणा को समझने को प्रयास करें। दीवाली आनंद और आत्म साक्षात्कार का दिन है। दरअसल, दीवाली के असली महत्व को समझ लेना हमारी तमाम सांसारिक एवं आध्यात्मिक समस्याओं का निराकरण है। दुनिया में व्याप्त तमाम अव्यवस्थायें जैसे हिंसा, युद्ध, दंगे, तुच्छ और संकीर्ण राजनीति जैसी समस्याएं हमारी अज्ञानता की वजह से हैं। यहां भी हमें दिवाली का दिया जलाने की जरूरत है। यह दिया हमें मानवता के मार्ग का सही रास्ता दिखायेगा। दिवाली सिर्फ अपने घर को रोशन करने का त्योहार नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त नकारात्मकताओं से निजात पाने और उनसे ऊपर उठने का जरिया है। diwali poojan

diwali poojan : इस वर्ष की दीवाली 

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  • इस वर्ष दीवाली 7 नवंबर को बुधवार को मनायी जायेगी। इस त्योहार की तारीख हिन्दू चन्द्र सौर कलेंडर के अनुसार र्निधारित की जाती हैं। इसका आयोजन 5 दिन तक चलता है। इसमें धनतेरस, नरक चतुर्दशी, अमावस्या, कार्तिक, यम द्वितीया या भाई दूज शामिल हैं।
  • यह त्योहार धनतेरस यानि अश्वनी माह के पहले दिन से शुरू होता है।
    दूसरा दिन होता है नरक चौदस का, इस दिन हम अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं।
  • तीसरा दिन होता है अमावस्या का, इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है और दिये जलाये जाते हैं।
  • अगला दिन कार्तिक, इसमें हम भगवान कृष्ण और गोवर्द्धन पर्वत की पूजा करते हैं।
  • पांचवां और अंतिम दिन भाई दूज हैं। इस दिन हम भाई बहन आपसी प्रेम और सौहार्द्र प्रकट करते हैं। diwali poojan

diwali poojan : ऐसे करें माता लक्ष्मी का पूजन

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  • दीवाली का त्योहार माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने का भी त्योहार है। अगर सही तरीके और विधि-विधान से माता की पूजन किया जाये तो हमें अपने जीवन में कभी धन की कमी महसूस नहीं होगी।
  • लक्ष्मी पूजन के बाद सभी कमरों में शंख और घंटी बजायें।
    तेल का दीपक जलाये, दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें। किसी हनुमान मंदिर में दीपक जलायें।
  • शिव मंदिर पर अक्षत चढ़ायें। खंडित चावलों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
    महालक्ष्मी के पूजन में पीली कौड़ियों का प्रयोग करें। धन संबंधी परेशानिया समाप्त हो जाती हैं।
  • पूजन में हल्दी की गांठ का प्रयोग भी करें।
  • दीवाली के दिन झाड़ू खरीदना शुभ होता है। किसी मंदिर में झाड़ू और सुगंध वाली अगरबत्ती का दान भी कर सकते हैं।
  • दीवाली के दिन पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें। पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलायें।
  • पूजा में लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र, श्रीयंत्र का प्रयोग करें।
  • लक्ष्मी पूजन करते समय एक बड़ा दीपक जलायें, जिसमें घी का प्रयोग करें और 9 बत्तियां लगायें।
  • अपने घर के साथ दुकान या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान, कंप्यूटर आदि का भी पूजन करें। हर उस वस्तु का पूजन होना चाहिए, जिससे धन आगमन का साधन जुड़ा हुआ है।

  • लक्ष्मी पूजन के समय नारियल का प्रयोग करना चाहिए। उस पर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि अर्पित करें।
  • दीवाली के 7दिन किसी किन्नर से एक रुपया ले एक रुपया लें और उसे अपनी जेब में रखें। आपको धन की कमी महसूस नहीं होगी।
  • दीवाली के दिन भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें भेंट करें।
  • भगवान विष्णु के चरणों के पास स्थित महालक्ष्मी के चित्र के पूजन करें। माता प्रसन्न होंगी।
  • दीवाली के दिन श्रीसूक्त या कनकधारा स्रोत का पाठ करें, माता प्रसन्न होंगी। diwali poojan

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diwali poojan :पूजन में इन वस्तुओं का करें प्रयोग 

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  • माता लक्ष्मी को कुछ वस्तुएं विशेष प्रिय हैं। पूजन में उनका उपयोग अवश्य करना चाहिए। इनमें लाल-गुलाबी या पीले रंग के रेशमी वस्त्र, कमल और गुलाब के पुष्प, श्रीफल, सीताफल, बेर, अनार और सिंघाड़े, केवड़ा, गुलाब, चंदन का इत्र शामिल है। पूजन में इसका प्रयोग अवश्य करें।
  • चावल का प्रयोग करें और केसर युक्त मिठाई या हलवा, शीरा का नैवेद्य मां को समर्पित करें।
  • गाय के घी, मूंगफली या तिल्ली का तेल का घी जलायें।
  • इसके अलावा गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, ऊन का आसन, रत्न आभूषण, गाय का गोबर, सिंदूर, भोजपत्र को पूजन में शामिल करें। diwali poojan

diwali poojan : इस तरह करें तैयारी 

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  • चौकी पर लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां रखें। मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम की ओर हो। लक्ष्मीजी, गणेशजी की दाहिनी ओर रहें। पूजनकर्ता मूर्तियों के सामने की तरफ बैठें। कलश को लक्ष्मीजी के पास चावलों पर रखें। नारियल को लाल वस्त्र में इस प्रकार लपेटें कि नारियल का अग्रभाग दिखाई देता रहे और इसे कलश पर रखें। कलश वरुण का प्रतीक है।
  • 2 बड़े दीपक रखें। एक में घी भरें और दूसरे में तेल। एक दीपक चौकी के दाईं ओर और दूसरा मूर्तियों के चरणों में रखें। एक दीपक गणेशजी के पास रखें।
  • मूर्तियों वाली चौकी के सामने छोटी चौकी रखकर उस पर लाल वस्त्र बिछाएं। कलश की ओर एक मुट्ठी चावल से लाल वस्त्र पर नवग्रह की प्रतीक 9 ढेरियां बनाएं। गणेशजी की ओर चावल की 16 ढेरियां बनाएं। ये सोलह मातृका की प्रतीक हैं। नवग्रह और षोडश मातृका के बीच स्वस्तिक का चिह्न बनाएं।
  • बीच में सुपारी रखें चारों कोनों पर चावल की ढेरी रखें। सबसे ऊपर बीचोंबीच ॐ लिखें। छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें।
  • इसके अलावा इन चीजों की व्यवस्था करें : 1. ग्यारह दीपक, 2. खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, 3. फूल, दुर्वा, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक।
  • इन थालियों के सामने यजमान बैठे। आपके परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें। कोई आगंतुक हो तो वह आपके या आपके परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे। diwali poojan

diwali poojan :चौकी पर इन वस्तुओं को रखें

लक्ष्मी, गणेश की मूर्तियां, मिट्टी के 2 बड़े दीपक, कलश, कलश के ऊपर नारियल, वरुण, नवग्रह, षोडशमातृकाएं, कोई प्रतीक, बहीखाता, कलम और दवात, नकदी की संदूक, थालियां, जल का पात्र।

ऐसे करें पूजा

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  • आप हाथ में पूजा के जलपात्र से थोड़ा सा जल ले लें और अब उसे मूर्तियों के ऊपर छिड़कें। जल छिड़कने के साथ इस मंत्र का जाप करें-
    ॐ पवित्रः अपवित्रो वा सर्वावस्थांगतोऽपिवा।
    यः स्मरेत्‌ पुण्डरीकाक्षं स वाह्यभ्यन्तर शुचिः॥
    पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
    कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥
  • इस मंत्र और जल की सहायता से पूजा की सामग्री, खुद को, आसन को पवित्र कर लें।
  • आसन की पृथ्वी पवित्र करने के लिए इस मंत्र का जाप करें
    ॐ पृथ्वी त्वया धृता लोका देवि त्वं विष्णुना धृता।
    त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्‌॥
    पृथिव्यै नमः आधारशक्तये नमः
  • अब आचमन करें
    पुष्प, चम्मच या अंजुलि से एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
    ॐ केशवाय नमः
  • फिर एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
    ॐ नारायणाय नमः
  • फिर एक तीसरी बूंद पानी की मुंह में छोड़िए और बोलिए-
    ॐ वासुदेवाय नमः
  • फिर इस विधि का पालन करें –
    ॐ हृषिकेशाय नमः मंत्र का जाप करते हुए हाथों को खोलें और अंगूठे के मूल से होंठों को पोंछकर हाथों को धो लें। पुनः तिलक लगाने के बाद प्राणायाम और अंग न्यास आदि करें।
  • आचमन आदि के बाद आंखें बंद करके मन को स्थिर कीजिए और 3 बार गहरी सांस लीजिए। यानी प्राणायाम कीजिए क्योंकि भगवान के साकार रूप का ध्यान करने के लिए यह आवश्यक है फिर पूजा के प्रारंभ में स्वस्तिवाचन किया जाता है।
  • उसके लिए हाथ में पुष्प, अक्षत और थोड़ा जल लेकर स्वतिनः इंद्र वेद मंत्रों का उच्चारण करते हुए परम पिता परमात्मा को प्रणाम करें। diwali poojan

diwali poojan:अब करें संकल्प

आप हाथ में अक्षत, पुष्प और जल ले। कुछ धन भी ले लें। इसके बाद मन में कहें मैं अमुक व्यक्ति अमुक स्थान और समय पर अमुक देवी-देवता की पूजा करने जा रहा हूं। इसका मुझे शास्त्रोक्त फल प्राप्त हो। सबसे पहले गणेशजी और गौरी का पूजन करें। उसके बाद वरुण पूजा यानी कलश पूजन की पूजा करें। diwali poojan

diwali poojan : करें इस विधि का पालन 

हाथ में थोड़ा सा जल लें। आह्वान और पूजन मंत्र बोलें और पूजा सामग्री चढ़ाएं। फिर नवग्रहों का पूजन करें। हाथ में अक्षत और पुष्प लें। नवग्रह स्तोत्र बोलें। इसके बाद भगवती षोडश मातृकाओं का पूजन करें। हाथ में गंध, अक्षत, पुष्प लें। सोलह माताओं को नमस्कार करें और पूजन सामग्री चढ़ा दें। diwali poojan

diwali poojan : रक्षा बंधन अवश्य करें 

सोलह माताओं की पूजा के बाद रक्षाबंधन करें। इसके लिए मौली लेकर भगवान गणेश पर चढ़ाएं फिर अपने हाथ में बंधवा लें और तिलक लें। अब आनंदचित्त से महालक्ष्मी की पूजा करें। diwali poojan

diwali poojan :धन बढ़ाने के लिये करें ये उपाय 

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  • शुक्रवार के दिन शाम के समय घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक लगाएं। बत्ती में रुई के स्थान पर लाल रंग के धागे का उपयोग करें साथ ही दीये में थोड़ी सी केसर भी डाल दें। माता लक्ष्मी प्रसन्न होंगी।
  • घर का बजट सुधारने के लिए शुक्रवार को पीले कपड़े में लक्ष्मी पांच पीली कौड़ी और थोड़ी सी केसर, चांदी के सिक्के के साथ बांधकर धन स्थान पर रखें। जहां आप पैसे रखते हो। कुछ ही दिनों में प्रभाव दिखाई देने लगेगा।
  • पैसा कमाने के लिए शुक्रवार के दिन 3 कुंवारी कन्याओं को घर बुलाकर खीर खिलाएं और पीला वस्त्र तथा दक्षिणा देकर विदा करें। इस दिन गरीबों को सफेद रंग की वस्तु या खाद्य पदार्थ का दान करें।
  • धन हानि को दूर करने के लिए शुक्रवार के दिन श्रीयंत्र पर गाय के दूध से अभिषेक करें और अभिषेक का जल पूरे घर में छिंटक दें। श्रीयंत्र को कमलगट्टे के साथ धन स्थान पर रख दें। निवेश के अच्छे परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे
  • अचानक धन प्राप्त करने के लिए दीवाली से पहले काली मिर्च के 5 दाने अपने सिर पर से 7 बार उतारकर 4 दाने चारों दिशाओं में फेंक दें और पांचवें दाने को आकाश की ओर उछाल दें। एकाएक धन मिल जायेगा।diwali poojan

diwali poojan : ये उपाय भी करके देखें

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  •  हर व्यक्ति को अपनी आय का 10 फीसदी लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए।
  • अपनी आय का 10 फीसदी बचा कर आर्थिक स्वतंत्रता के लिए निवेश करें। आपको इस पैसे का जल्दी प्रयोग नहीं करना है। जब यह बड़ा अमाउंट जैसे 10 लाख या 50 लाख हो जाए तो आप इसे इक्विटी म्युचुअल फंड में लगा दें।
  • अपनी आय का 10 फीसदी अपनी खुशियों के लिए खर्च करें। आपको इसे हर माह के अंत तक खुद पर और परिवार पर खर्च करें। इसका प्रयोग सैर-सपाटा, फिल्म, शौक पर करें।
  • आय का 10 फीसदी कुछ नया सीखने पर खर्च करें। जैसे आप किसी चीज की ट्रेनिंग लें। कोई किताब खरीदें। या यू ट्यूब पर देखें।
  • आय का 50 से 60 फीसदी अपने परिवार की जरूरतों पर खर्च करें।
  • आय इनकम का एक हिस्सा दूसरों की मदद के लिए खर्च करें। दोस्तों या किसी अन्य जरूरतमंद की मदद करें। आप किसी की पढ़ाई, ट्रेनिंग आदि के लिए फाइनेंस भी कर सकते हैं।
  • आप 50 रुपया या 100 रुपया अपने घर में ऐसी जगह पर रखें जिससे आप रोज इस पैसे को बढ़ता हुए देखें। diwali poojan