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हर चुनाव में कांग्रेस को कैसे पटखनी दे रही है बीजेपी

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how to win elections
prime minister narendra modi's temple trip

how to win elections : लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल कहे जा रहे मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अपनी कमजोरियों और ताकत दोनों के मंथन में लगी हुई है। लेकिन वहीं दूसरी ओर प्रमुख प्रतिद्वंद्वी और केंद्र में सत्तारूढ़ दल बीजेपी को अपनी ताकत अच्छी तरह से पता है। राजस्थान और मध्यप्रदेश जैसे हिंदी भाषी राज्यों में कई सालों से सत्ता सुख भोग रही बीजेपी की भले ही हालत विकास के मुद्दों पर खस्ता हो, लेकिन उसके नेताओं को अच्छी तरह पता है कि देश में चुनाव विकास के मुद्दे पर नहीं जीते जाते हैं। बीजेपी के नेता खुले आम इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हाल ही में एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में बयान दिया कि बीजेपी अगला लोकसभा चुनाव हिंदुत्व और राम मंदिर के मुद्दे पर ही जीतेगी। विकास का मुद्दा तो पार्टी के लिए दूसरी प्राथमिकता रहेगा। स्वामी ने इसके लिए बाकयदा 2004 के आम लोकसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया है जिसमें विकास के मुद्दे को सबसे ऊपर रखने और इंडिया शाइनिंग के जोरदार नारे के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था। how to win elections

how to win elections : बिना मंदिर पार नहीं होगी चुनाव की वैतरणी

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raul gandhi visits temple

how to win elections : सभी दलों के लिए केवल झुनझुना है विकास का मुद्दा

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modi inaugurates bullet train

how to win elections : ऐसा नहीं है कि हिंदुत्व का मुद्दा सिर्फ बीजेपी के लिए चुनावी हथियार बना हुआ है, वामपंथियों और समाजवादियों के गठजोड़ के साथ सरकार चला चुकी कांग्रेस के नेताओं को भी यह बात समझ में आ चुकी है सिर्फ प्रगतिशील विचारों के झुनझुने और विकास का नारा बुलंद करने से चुनावी वैतरणी पार नहीं की जा सकती है। राहुल का नया मंदिर और गोत्र अवतार इसका उदाहरण है। how to win elections

how to win elections:बूथ मैनेजमेंट बना चुनावी जीत का हथियार

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modi and amit shah occurs a meeting.

how to win elections : अगर विकास के मुद्दे की बात की जाये तो यह पहले तो क्या दूसरे नंबर पर भी नहीं आता है। दूसरे नंबर पर आता है बूथ प्रबंधन। चुनावी राजनीति का यह एक ऐसा कारक है जिसे कोई भी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय राजनीतिक दल खारिज नहीं कर सकता है।

how to win elections :कैडर के दम पर जीते जाते हैं चुनाव

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rss cadre of bjp

how to win elections : चुनाव जीतने के लिए दलों को अपने कैडर का आत्मविश्वास कायम रखना सबसे अहम है। इसमें एक अन्य फैक्टर भी है। इसके तहत जमीन स्तर पर कार्य करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने वोटर के साथ अधिक से अधिक संपर्क में रहने की जरूरत होती है। इसके तहत पार्टी के कार्यकर्ता चुनाव से कई माह पहले से घर-घर जाकर, चौपाल या सामाजिक संगोष्ठियों के माध्यम से लोगों को पार्टी की नीतियों और सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताते हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को खुलकर स्वीकार करते हैं कि चुनाव बूथ प्रबंधन के दम पर जीते जाते हैं। उनका एक प्रसिद्ध वाक्य है ‘बूथ ही चुनाव का गर्भाधान होता है’। ऊपर के स्तर पर भले ही लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी हो, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता द्वारा आम लोगों को समझायी गयी बात लोगों तक सीधी पहुंचती है। यही कारण है कि कई बार तमाम नाराजगियों के बावजूद सत्तारूढ़ दल अपनी सत्ता के कायम रखने में कामयाब हो जाता है। how to win elections

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how to win elections : कांग्रेस से कहीं ज्यादा शानदार है बीजेपी की जमीनी राजनीति

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Congress cadre

how to win elections सोशल मीडिया और कुछ मीडिया संस्थानों में मोदी विरोधी रुख के बावजूद इसमें कोई दोराय नहीं है कि राज्य और केंद्र दोनों स्तर पर बूथ मैनेजमेंट में बीजेपी का काम कांग्रेस से शानदार है। वर्तमान में हालात ये हैं कि कांग्रेस जहां अपने वोटरों से एक बार संपर्क करती है तबतक उसी वोटर से भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ता 3 बार मिल चुके होते हैं। बीते 5 वर्षों की चुनाव यात्राओं में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ी रैलियों पर जोर दिया है वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जिस चुनाव में भी उतरे उन्होंने वहां के स्थानीय बूथ मैनेजमेंट के साथ बैठक करने पर उतना ही ध्यान दिया है। how to win elections

how to win elections : कांग्रेस भी दे रही बूथ मैनेजमेंट पर ध्यान

बीते कुछ समय से कांग्रेस के नेताओं ने भी बूथ मैनेजमेंट की ओर ध्यान देना शुरू किया है। अपने कैडर का उत्साह बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने ‘मेरा बूथ मेरा स्वाभिमान’ नामक योजना चलायी है। 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस ने संगठन के स्तर पर कोई विशेष काम नहीं किया है या यूं कहें कि पार्टी का संगठन कमजोर हुआ है। उसका खमियाजा पार्टी को 2004 के बाद होने वाले चुनावों में भुगतना पड़ा है। how to win elections

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कांग्रेस की सबसे बड़ी परेशानी ही है बीजेपी के सबसे बड़ी ताकत

how to win elections : बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत उसका केंद्रीय नेतृत्व है। इस दौर में ज्यादातर चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र के चेहरे को सामने रखकर लड़े गये। इस वजह से बीजेपी ने अपनी सुविधा के हिसाब से उम्मीदवार चुना और जीत हासिल की। वहीं दूसरी ओर इस बीच कांग्रेस ने ज्यादातर चुनाव बिना किसी एक चेहरे को आगे किये पार्टी संगठन के आधार पर लड़े। इस वजह से उस राज्य के ताकतवर नेताओं को गुटों को हावी होने का पूरा मौका मिला। यही कारण है कि चुनावों में कांग्रेस को जितना नुकसान विपक्षियों और विरोधियों ने नहीं पहुंचाया उससे ज्यादा भितरघाती, असंतुष्ट और उसी के नाराज नेताओं ने पहुंचाया। उदाहरण के लिए राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने कोटा के लाडपुरा से टिकट देने में अपने कार्यकर्ताओं की इच्छा का घोर निरादर किया है। पार्टी के कार्यकर्ता इस सीट से किसी नये चेहरे को उम्मीदवार बनाना चाहते थे लेकिन टिकट दे दी गयी नैमुद्दनी गुड्डू की पत्नी को। गुड्डू इस सीट से 2 बार चुनाव हार चुके हैं। कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कांग्रेस के लिए नयी बात नहीं है। यही नाराजगी संगठन को चुनाव दर चुनाव भारी पड़ रही है। how to win elections