Home political news कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों के साथ किया है धोखा

कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों के साथ किया है धोखा

537
0
भारत में तुष्टिकरण की राजनीति
rahul gandhi

कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों के साथ धोखा दिया है। बिहार में मुसलमानों की संख्या लगभग 2 करोड़ है और वह बिहार की कुल जनसंख्या का लगभग 17 प्रतिशत है। लेकिन कांग्रेस सरकार और उसके सहयोगी दल आरजेडी ने हमेशा उसे वोट बैंक की तरह से इस्तेमाल किया है। यह मानना है कि शिवहर के समाजसेवी अबुल कलाम का। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

भारत में तुष्टिकरण की राजनीति
abul kalam

तुष्टिकरण, छद्म धर्म-निरपेक्षता ने किया बेड़ा गर्क

कलाम का कहना है कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति की वजह से बिहार का मुसलमान विकास की दौड़ में काफी पीछे छूट गया है। देश में हुए ज्यादातर दंगे भी कांग्रेस की सरकारों के शासनकाल में ही हुए हैं। उनका कहना है कि छद्म सेक्युलरिज्म की वजह से उनका बेड़ा गर्क हुआ है। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

भारत में तुष्टिकरण की राजनीति : मात्र
एक वोट बैंक समझा गया

बिहार में मुसलमानों की प्रयोग केवल राजनीतिक लोगों ने अपने फायदे के लिए किया है। इस राज्य में उनकी जनसांख्यिकीय स्थिति इस तरह की है कि राज्य की 243 विधानसभा क्षेत्रों में से करीब 50 पर उनका वोट बैंक निर्णायक है। इन क्षेत्रों में मुस्लिमों की आबादी 18 से 74 प्रतिशत तक है। इस वजह से चुनाव के वक्त ही राजनीतिक दलों की इनकी याद आती है। इसके अलावा 13 लोकसभा क्षेत्रों में मुस्लिम आबादी 18 से 44 प्रतिशत के बीच है। किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में 69 प्रतिशत मुसलमान है। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

बिहार में मुसलमानों की हालत काफी दयनीय 

कलाम का कहना है कि आजादी के बाद अधकांश समय बिहार में कांग्रेस और इसके सहयोगी दलों का शासन रहा है। लेकिन अभी यहां मुसलमानों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति बेहद खराब है। 2001 के जनगणना के मुताबिक, मुसलमानों की साक्षरता दर केवल 42 प्रतिशत है। इनकी आधी जनसंख्या गरीबी रेखा के नीचे जीवन जीने को मजबूर है। बिहार की 28 मुस्लिम आबादी भूमिहीन मजदूर है। इनकी हालत अत्यंत दयनीय है। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

भारत में तुष्टिकरण की राजनीति : असलियत को समझ चुका है मुसलमान

कलाम का कहना है कि अब बिहार का मुसलमान असलियत को समझ चुका है। अब वह कांग्रेस और आरजेडी की तुष्टिकरण की राजनीति और बीजेपी के विकास की नीतियों में फर्क समझने लगा है। जहां कांग्रेस और आरजेडी मुसलमानों पर सीधे हमलावर तो नहीं होती लेकिन उसे पिछड़ा रखने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियां मुसलमानों को विकास की मुख्यधारा में लाना है। यही वजह है गुजरात के मुसलमानों की स्थिति देश के बाकी राज्यों से बेहतर है क्योंकि वहां नीतिगत और योजनागत तरीकों से मुसलमानों का विकास किया गया है। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

मुद्रा योजना से हुआ है फायदा

वह प्रधानमंत्री मोदी की मुद्रा योजना की तारीफ करते हुए कहते हैं कि इस योजना से मुसलमानों को काफी लाभ हुआ है। इसके तहत उन्होंने बैंकों से लोन लेकर छोटे-मोटे काम-धंधे शुरू करने में काफी मदद मिली है। बीजेपी और जेडीयू की सरकार ने बिहार में अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण किया है। इस वजह से वहां की जनता चेन की सांस ले पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘सबका साथ और सबका विकास’ की बात करते हैं। इसमें मुसलमानों का साथ भी शामिल है। बिहार में बीजेपी-जेडीयू के शासनकाल में की जनता का विकास का हो रहा है, उनके साथ मुसलमानों का भी विकास हो रहा है। इसके अलावा जनधन खातों और स्वच्छता आंदोलन ने मुसलमानों की जीने की अलग राह दिखायी है। भारत में तुष्टिकरण की राजनीति

भारत में तुष्टिकरण की राजनीति : बीजेपी सरकार में मुस्लिमों ने चढ़ी हैं विकास की सीढ़ियां

भारत में तुष्टिकरण की राजनीति
PM Modi meets muslim religious leaders.

कलाम कहते हैं कि बीजेपी तुष्टीकरण की राजनीति नहीं करती है। वह विकास और उत्थान की राजनीति करने वाली पार्टी है। उनका मानना है कि तीन तलाक बिल देश की मुस्लिम महिलाओं को सम्मान देने और उन्हें विकास की सीढ़ियां चढ़ाने में काफी मदद करेगा। कलाम का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी देश में सड़क, पुल, रेलवे का जो ढांचागत विकास कर रहे हैं उससे देश और बिहार के मुसलमानों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इससे बिहार के आम मुसलमान की प्रतिव्यक्ति आय बढ़ेगी। बीजेपी के शासनकाल में हिंदू-मुस्लिम दंगे की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। यह सब प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नीति और बिहार सरकार की मेहनत का ही परिणाम है।भारत में तुष्टिकरण की राजनीति